MaI jagadISapaXsaad Jaabarmala oIbaDevaalaa vaedivaYaalaya

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वेदविद्यालय की संस्थापना एवं पृष्ठभूमि

श्री जगदीशप्रसाद झाबरमल टीबडेवाला विश्वविद्यालय विद्यानगरी चुडैला, झुन्झुनू के माननीय कुलाधिपति श्री विनोद जी टीबडेवाला भारतीय संस्कृति व आध्यात्मिकता में अत्यन्त रुचि व श्रद्धा रखते है। वो चाहते हैं कि इस कलिकाल में वेदों के ज्ञान और भारतीय संस्कृति, संस्कार की सरिता आने वाली पीढी में निरन्तर प्रवाहित होती रहे। वेद जो ज्ञान की अमूल्य निधि है इसका संरक्षण संवर्द्धन होता रहे। इस हेतु माननीय विनोद जी टीबडेवाला की प्रेरणा व मार्गदर्शन से इस वेदविद्यालय की स्थापना ज्येष्ठ कृष्ण दशमी, रविवार विक्रमसम्वत् २०७५ तदनुसार ८ जुलाई २०१८ को हुई। जिसमें अभी वर्तमान में प्रथमवर्ष में ५, द्वितीय वर्ष में ५, चतुर्थ वर्ष में २, पंचम वर्ष में ३, कुल १५ छात्र अध्ययनरत है।

वेदविद्यालय की विशेषताएं

१

वेदशिक्षा के साथ आधुनिक विद्यालयी शिक्षा, योगशिक्षा विविध वैज्ञानिक प्रयोग एवं संशोधन का अभ्यास।

२

वेदों के साथ साथ वेदाङ्ग, शास्त्र, स्मृति, मीमांसा, व्याकरण, ज्योतिष, धर्मशास्त्र तथा श्रीमद्भगवद्गीता, श्रीदुर्गासप्तशती आदि सद्ग्रन्थो का अध्ययन ।

३

अनुशासनबद्ध गुरुकुल पद्धति से निवास योजना।

४

समृद्ध ग्रन्थालय, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक वातावरण तथा विद्वत्जनों का साहाच्चार्य।

५

समाज के प्रबुद्ध, सफल व्यक्तित्व सम्पन्न विद्वत्जनों द्वारा मार्गदर्शन एवं ज्ञान शिक्षा की योजना ।

७

अन्य शिक्षा संस्था तथा विश्वविद्यालयो से अध्ययन की सुविधा ।

८

सशक्त, सुसंस्कृत, सुशील तथा सामर्थ्यशाली व्यक्तिनिर्माण का प्रयास।

९

दक्ष प्रशिक्षित गुरुजनों द्वारा अध्ययन अध्यापन की सुव्यवस्था ।

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