श्री जेजेटी वेदविद्यालय के अध्ययनरत आवासीय वैदिक छात्रों की दिनचर्या इस प्रकार रहती है
हमारे वेदविद्यालय के छात्र प्रातः ४.०० बजे ब्रह्ममुहुर्त में जागरण करते हैं ।
तत्पश्चात नित्य नैमित्तिक क्रिया से निवृत होकर स्नानादि सम्पन करते हैं।
तत्पश्चात नित्य नैमित्तिक क्रिया से निवृत होकर स्नानादि सम्पन करते हैं।
प्रातःकालीन सन्ध्या के पश्चात् नित्य ५.३० बजे से ६.३० बजे योग, प्राणायाम, आसन, ध्यान इत्यादि करते हैं।
‘‘सेवा हि परमो धर्मः’’की भावना मन में सदा सर्वदा जाग्रत रहे इस हेतु प्रत्येक छात्र अपने अपने कक्षों की स्वच्छता करते है। अपना कक्ष सर्वदा स्वच्छ और सुन्दर रहे तथा कक्ष में रखी प्रत्येक वस्तु व्यवस्थित रहे इसका प्रत्येक छात्र ध्यान रखता है। इससे छात्र के मन में स्वच्छता, सुन्दरता, और आत्मनिर्भरता की भावना जागृत होती है।
स्वच्छता के पश्चात् प्रातः ७.०० बजे अल्पाहार होता है।
प्रातः ७.३० से १०.३० बजे तक नित्य शुक्लयजुर्वेद संहिता (माध्यन्दिनी शाखा) का अध्ययन होता है।
वेदाध्ययन के पश्चात् छात्र १०.३० से ११.३० बजे तक संस्कृतभाषा का अध्ययन करते है।
तत्पश्चात् ११ः३० मध्याह्न कालीन सन्ध्या करते हैं।
मध्याह्न १२.०० बजे सभी छात्र भोजन करते हैं।
भोजनोपरान्त १.३० बजे से ४.३० तक आधुनिक विषयों जैसे अंग्रेजी, गणित सामाजिक, विज्ञान, कम्प्यूटर इत्यादि का पठन पाठन होता है।
५.०० से ६.०० तक सभी छात्र क्रीडा के लिए मैदान में जाते हैं, वहां विभिन्न प्रकार के खेल खेलते हैं।
सायं ६.०० बजे सायंकालीन सन्ध्या करते हैं उसके बाद आरती करते है। पुनः ७.०० से ८.३० बजे तक वेदाध्ययन करते हैं।
८.३० बजे रात्रि भोजन करते हैं।
रात्रि ९.०० बजे से १०.०० बजे तक आधुनिक विषयों से सम्बन्धित गृहकार्य करते हैं।
तत्पश्चात् दीपविसर्जन के पश्चात् सभी छात्र शयन करते हैं।